!! OM ATMAGURVE NAMAH !! !! OM ATMAGURVE NAMAH !! !! OM ATMAGURVE NAMAH !! !! OM ATMAGURVE NAMAH !! !! OM ATMAGURVE NAMAH !!
!! ॐ आत्मा गुरुवे नमः !!
!! OM ATMAGURVE NAMAH !! !! OM ATMAGURVE NAMAH !! !! OM ATMAGURVE NAMAH !! !! OM ATMAGURVE NAMAH !! !! OM ATMAGURVE NAMAH !!
RASHTRIYA GRAMIN VIKAS TRUST
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जैसे मानव तन बसे जीवा अनेक !
वैसे मानव जीव है प्रभु के तन में एक !!

संपूर्ण ब्रह्माण्ड एक चैतन्य शारीर
-आत्मज्ञानी अनंतात्मानंद सरस्वती


    जीवात्मा प्रभु के अंश है जस अंश नभ को देखिए !
घट मठ प्रपंचहि जब मिटे नहीं अंश कहना चाहिए !!

---महर्षि मेही परमहंसजी महाराज

मनुष्य को आत्मा की आराधना करना चाहिए !
    पंडित श्रीरामशर्मा आचार्य
    दया धर्मं ही उत्तम है , शांत पराक्रम जान !
आत्माज्ञान श्रेष्ठ ज्ञानो में , धर्म न सत्य सामान !!

-आत्मज्ञानी अनंतात्मानंद सरस्वती

    जापो पिंड ओंकार सदा , धईके प्रभु का ध्यान !
गुरु कहे ना गुरु कोई , आत्मा गुरु सामान !!

--अनंतात्मानंद सरस्वती
स्फोट वही
उद्गीत वही
ब्रह्मनाद वही
ध्वनिधार वही
स्फोट वही
उद्गीत वही
ब्रह्मनाद वही
ध्वनिधार वही
स्फोट वही
उद्गीत वही
ब्रह्मनाद वही
ध्वनिधार वही
स्फोट वही
उद्गीत वही
ब्रह्मनाद वही
ध्वनिधार वही
स्फोट वही
उद्गीत वही
ब्रह्मनाद वही
ध्वनिधार वही
स्फोट वही
उद्गीत वही
ब्रह्मनाद वही
ध्वनिधार वही
स्फोट वही
उद्गीत वही
ब्रह्मनाद वही
ध्वनिधार वही
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यह आत्मज्ञान महायज्ञ प्रत्येक ५००० वर्ष में अर्थात एक कल्प में एक बार आयोजित होती है ! परन्तु , लगभग सोलह ख़राब वर्ष बाद परमात्मा की इच्छा एक महाब्रह्माण्डीय परिवर्तन का है ! इसलिए यह महायज्ञ इस कल्प में तीन बार आयोजित होना है ! प्रत्येक बार पृथ्वी के अलग-अलग भू-खंड में आयोजित कर सृष्टि में महा परिवर्तन के मार्ग को प्रशस्त करना ही इस महायज्ञ का मूल उद्येश्य है !
     इस महान उद्येश्य की पूर्ति हेतु एक सत्यनिष्ठ एवं कर्तव्यपरायण आध्यात्मिक पुरोधा यज्ञकर्ता का खोज जरी है !
इस हेतु योग्य व्यक्ति यथाशीघ्र सम्पर्क करे :-
आशीष कुमार “स्फोटाचार्य”

आशीष कुमार “स्फोटाचार्य”
मो.- +९१- ९९३४६२१७८५
नवगछिया, भागलपुर, बिहार (भारत)
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About the Born Of SatyaDharma
"O" Dear son of Nectar !, "O" Dear son of Semen-Aarya !
         First of all all of you are heartly accost and most welcome in the Web Premises of SatyaDharma. There after you just regarderd the same with our RGVT family. And at last, we thanks God ! Who bless me a power of wisdom through the great eminent.
         In the view of our visitors & humanity first, SatyaDharma(SD) explain you a clear concept easily & shortly.
         Infact is that, SD born with the begining of this neuclear universe.
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